सूर्योदय भास्कर, मेरठ। मुरादाबाद के बाद अब मेरठ में समाजवादी पार्टी के टिकट पर घमासान मचा हुआ है। सपा नेता अतुल प्रधान का टिकट नामांकन के आखिरी दिन सिर्फ 8 घंटे पहले कट गया। वह लखनऊ अखिलेश यादव से मिले। कहा-अगर मेरा टिकट कटा तो इस्तीफा दूंगा। उन्होंने बुधवार दोपहर 1 बजे सपा सिंबल पर नामांकन कराया था। अब सपा ने यहां पूर्व मेयर रही सुनीता वर्मा को टिकट दिया है। अखिलेश से मीटिंग के बाद अतुल ने X सोशल अकाउंट पर लिखा-मुझे राष्ट्रीय अध्यक्ष का फैसला मंजूर हैं।

सपा टिकट को लेकर मेरठ में 20 दिन से खींचतान चल रही है। मेरठ में सपा ने पहले भानु प्रताप को टिकट दिया था। फिर दिल्ली में INDIA गठबंधन की रैली के बाद अतुल प्रधान को सिंबल दिया। बुधवार से अचानक पूर्व मेयर सुनीता वर्मा चर्चा में आ गईं। रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने तंज कसते हुए लिखा,”विपक्ष में किस्मत वालों को कुछ घंटों के लिए टिकट मिलता है।” मेरठ सीट से भाजपा ने अरुण गोविल को प्रत्याशी बनाया है।

इस तस्वीर में योगेश दिख रहे हैं। वह लखनऊ से सपा सिंबल लेकर मेरठ पहुंच रहे हैं।

इस तस्वीर में योगेश दिख रहे हैं। वह लखनऊ से सपा सिंबल लेकर मेरठ पहुंच रहे हैं।

हेलिकॉप्टर से सिंबल लेकर मेरठ पहुंच रहे योगेश
आम चुनाव के दूसरे फेज में गुरुवार दोपहर 3 बजे तक नामांकन होने हैं। सिर्फ 8 घंटे पहले अखिलेश यादव ने मेरठ सीट से प्रत्याशी बदल दिया। सुनीता वर्मा का सिंबल लेकर लखनऊ अमौसी एयरपोर्ट से हेलिकॉप्टर निकल चुका है। इसमें उनके पति योगेश वर्मा मौजूद हैं। दोपहर 12 बजे सुनीता वर्मा के नामांकन कराने की चर्चा है।

वहीं, अचानक टिकट कटने से नाराज अतुल लखनऊ पहुंच गए। अखिलेश ने अतुल को समझाया, मगर उन्होंने साफ कहा-अगर मेरा टिकट कटा तो मुझे इस्तीफा देना पड़ेगा। 2 घंटे के मंथन के बाद आखिरकार अखिलेश अतुल को मनाने में कामयाब रहे हैं। अतुल ने X सोशल मीडिया पर लिखा-मुझे राष्ट्रीय अध्यक्ष का फैसला स्वीकार है।

बुधवार दोपहर 1 बजे अतुल प्रधान ने मेरठ में अपना नामांकन दाखिल किया था।

बुधवार दोपहर 1 बजे अतुल प्रधान ने मेरठ में अपना नामांकन दाखिल किया था।

योगेश के नाम पर भी बनी थी सहमति, ऐन वक्त पर विरोध हुआ
सोर्स कहते हैं कि दिल्ली में हुई इंडी गठबंधन की रैली वाले दिन अतुल प्रधान लखनऊ से अखिलेश के पीछे दिल्ली चले गए। उधर अतुल ने पैरवी के लिए मेरठ से अपनी बिरादरी के लोगों, समर्थकों को दिल्ली बुला लिया। जहां समर्थकों ने अतुल की जमकर पैरवी कर दी। इसके बाद अखिलेश ने अतुल प्रधान के नाम की घोषणा कर दी। अतुल का नाम घोषित होने के बाद भी उसे सिंबल नहीं मिला। सिंबल न मिलने पर मामला फंस गया।

बताया जा रहा है कि मंगलवार रात अतुल प्रधान लखनऊ से पार्टी सिंबल लाए और बुधवार दोपहर को पर्चा दाखिल किया। मगर बुधवार रात फिर अखिलेश ने अपना फैसला बदल लिया। पहले योगेश का टिकट लगभग फाइनल हो गया। लेकिन तभी विरोधियों ने योगेश वर्मा से जुड़े विवाद और मुकदमों की बात कहते हुए कहा कि योगेश का टिकट होते ही इन पर एक्शन हो जाएगा और टिकट बेकार जाएगा। योगेश के स्थान पर पत्नी सुनीता वर्मा के टिकट दिए जाना फाइनल हो गया।

अखिलेश 6 टिकट बदले, जयंत का तंज-जिनका टिकट नहीं कटा, उनकी किस्मत
अखिलेश 6 लोकसभा सीटों पर टिकटों में बदलाव कर चुके हैं। चर्चा है कि वह अभी कुछ और सीटों पर बदलाव का विचार कर रहे हैं। मेरठ, मुरादाबाद, गौतमबुद्धनगर, बिजनौर, बदायूं, मिश्रिख में टिकट बदले गए। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कहा-ĪNDIA गठबंधन के दलों को अपने घोषित प्रत्याशियों पर ही भरोसा नहीं।

जयंत चौधरी ने X अकाउंट पर लिखा-विपक्ष में किस्मत वालों को ही कुछ घंटों के लिए टिकट मिलता है। जिनका टिकट नहीं कटा। उनकी किस्मत…।

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