लखनऊ, सूर्योदय भास्कर। यूपी एसटीएफ ने सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। यह लोग बेरोजगारों को सरकारी नौकरी के नाम ठग रहे थे। इन लोगों ने गोमतीनगर के विभूतिखंड़ में ग्राम विकास कृषि सहकारी समित लिमिटेड के नाम से ऑफिस भी खोल रखा था। जहां से यह अपना गिरोह संचालित कर रहे थे। लोग इनके फर्जी विज्ञापन और ऑफिस के नाम के झांसे में आकर लाखों रुपये दे बैठते थे।

सरकारी संस्था के नाम पर खोला था ऑफिस
एससटीफ के डीएसपी धर्मेश शाही के मुताबिक ग्राम विकास कृषि सहकारी समिति लिमिटेड, लखनऊ उत्तर प्रदेश के नाम पर विभूतिखण्ड क्षेत्र में एक कार्यालय संचालित होने की सूचना मिली थी।
जहां पर नवयुको को बुलाकर उनसे सरकारी नौकरियों में भर्ती करवाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर पैसा वसूला जाता है।
इस सूचना पर टीम ने मुखबिर की सूचना पर मऊ के घोसी पकड़ी बुजुर्ग निवासी भानु प्रताप सिंह और भदोई गोपीगंज सराये पटखनी निवासी सतेंद्र कुमार पाठक को पकड़ा है। इनके पास से पांच मोबाइल, दो कार, 100 ग्राम विकास सहकारी समिति के आवेदन पत्र, फर्जी विभिन्न विभागों के ज्वाइनिंग लेटर, कई अभ्यर्थियों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की फोटो कॉपी, विभिन्न सरकारी परीक्षाओ से सम्बन्धित अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड के साथ ही विभिन्न सरकारी व संविदा नौकरियों के विज्ञापन सम्बन्धी फर्जी कागज बरामद हुए।

लोगों को भरोसा दिलाने के लिए देते फर्जी नियुक्ति पत्र
पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि यह बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी देने के नाम पर ठगते थे। संस्था सरकारी लगे इसके चलते ही अपने ऑफिस का नाम ग्राम विकास कृषि सहकारी समिति लिमिटेड लखनऊ(यूपी) रखा।
इसके साथ ही एजेंट और फर्जी विज्ञापन के माध्यम से बुलाकर अपनी ऑफिस और कार दिखाकर प्रभाव मे ले लेते हैं।
जिसके बाद भानु को भारत सरकार मे पदस्थ उच्चाधिकारी बताकर साक्षात्कार लेते हैं। उसके बाद नियुक्ति पत्र देने के नाम पर पैसे लेते थे। इनके साथी भानु प्रताप दीक्षित और हिमांशु की तलाश की जा रही है।

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