सूर्योदय भास्कर, नई दिल्ली। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज स्टेट डिनर होस्ट किया है। इस दौरान उन्होंने कहा- ये कई मायनों में एक ऐतिहासिक और यादगार क्षण है। शायद ही ऐसा कभी हुआ होगा कि दो देशों के नेता लगातार एक-दूसरे के देशों के राष्ट्र समारोह में मुख्य अतिथि रहे। आज ही के दिन भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त करने के दो साल बाद विश्व का सबसे बड़ा हस्तलिखित संविधान लागू किया था।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा- खानपान के मामले में भारत और फ्रांस अपनी-अपनी विशेषताओं से एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं। जिस तरह फ्रांस में प्राचीन भारतीय भाषा और वैदिक अध्ययन के विद्वान हैं, उसी तरह भारतीय छात्रों में फ्रांसीसी भाषा बहुत लोकप्रिय है। सिनेमा की तरफ देखें तो वहां भी भारत और फ्रांस जुड़े हुए हैं।

दरअसल, मैक्रों 2 दिन के राजकीय दौरे पर भारत आए हुए हैं। वे गणतंत्र दिवस परेड में बतौर चीफ गेस्ट शामिल हुए। इसके बाद राष्ट्रपति भवन पहुंचे। स्टेट डिनर के दौरान मुर्मू-मैक्रों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी मौजूद रहे। इसी के साथ फ्रांसीसी राष्ट्रपति इस साल भारत में स्टेट विजिट पर आने वाले पहले विदेशी मेहमान बन गए हैं।

फुटेज में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों राष्ट्रपति भवन में भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ से भी मुलाकात की।

फुटेज में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों राष्ट्रपति भवन में भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ से भी मुलाकात की।

मुर्मू ने कहा- भारत-फ्रांस दो महान गणतंत्र
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा- आज हम दुनिया के सामने एक साथ खड़े हैं। दो महान गणतंत्र, जिनका मानव प्रगति में खास योगदान है। जो विचारों में स्वतंत्र, नीतियों में जिम्मेदार और दुनिया की जरूरतों के प्रति संवेदनशील हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारी मित्रता की सहजता और हमारी साझेदारी की ताकत हमारे भविष्य की यात्रा को उज्जवल करेगी।

फुटेज राष्ट्रपति भवन का है। इसमें फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों, राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिख रहे हैं।

फुटेज राष्ट्रपति भवन का है। इसमें फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों, राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिख रहे हैं।

फुटेज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के राष्ट्रपति भवन पहुंचने का है।

फुटेज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के राष्ट्रपति भवन पहुंचने का है।

मोदी-मैक्रों ने जयपुर में रोड शो किया था
इससे पहले गुरुवार को मैक्रों ने PM मोदी के साथ जयपुर में रोड शो किया था। दोनों नेताओं ने हवा महल के सामने चाय भी पी थी। साथ ही कई अहम मुद्दों पर चर्चा भी हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस के बीच डिफेंस इडस्ट्रियल सेक्टर में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति बनाई थी। साथ ही इसके लिए रोडमैप भी तैयार किया गया।

वहीं, टाटा ग्रुप और फ्रांस की एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी एयरबस के बीच भी समझौता हुआ। इसके तहत दोनों कंपनी साथ मिलकर भारत में H125 सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर बनाएंगी। ये हेलीकाप्टर कमर्शियल यूज के लिए बनाए जाएंगे। टाटा ग्रुप की टाटा एडवांस सिस्टम्स लिमिटेड कंपनी (TASL) इन हेलीकॉप्टरों के लिए असेम्बली लाइन मैनेज करेगी।

फुटेज में PM मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों जयपुर में चाय पीते नजर आ रहे हैं।

फुटेज में PM मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों जयपुर में चाय पीते नजर आ रहे हैं।

सैटेलाइट लॉन्च के लिए NSIL और एरियनस्पेस में करार
यहां पहले से ही टाटा और एयरबस मिलकर 40 C295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट बना रहीं हैं। इन सिंगल इंजन H130 हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल मेडिकल एयरलिफ्ट, सर्विलांस मिशन, वीआईपी ड्यूटीस और साइटसीइंग सर्विसेज के लिए किया जाएगा। विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि दोनों नेताओं में इस बात पर सहमति बनी कि साल 2026 को भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर के तौर पर मनाया जाएगा।

इसके अलावा डिफेंस स्पेस में भी पार्टनरशिप को लेकर करार हुआ। विदेश सचिव ने बताया कि तीसरा MoU सैटेलाइट लॉन्च में साझेदारी के लिए न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) और फ्रांस के एरियनस्पेस के बीच साइन हुआ।

राष्ट्रध्यक्षों के डिनर की पूरी तैयारी कैसे होती है?
किसी देश के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री जब विदेशी मेहमानों के लिए डिनर पार्टी या भोज का आयोजन करते हैं तो वह बहुत ज्यादा औपचारिक होता है। अगर भारत के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री होस्ट हैं तो आयोजन का स्थान उनकी तरफ से पहले ही तय हो जाता है। उदाहरण के लिए राष्ट्रपति इस भोज को राष्ट्रपति भवन या देश के किसी दूसरी जगह पर आयोजित कर सकते हैं।

वेन्यू तय होने के बाद अशोक की लाट से बने इनविटेशन कार्ड विदेशी मेहमानों को भेजे जाते हैं। मेहमान इस कार्ड को एक्सेप्ट करने के बाद जवाब भेजते हैं कि वह इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। हालांकि, काफी हद तक ये सब कुछ दोनों देशों के अधिकारी पहले ही तय कर लेते हैं। विदेशी मेहमानों को क्या खिलाना है, इस पर आखिरी फैसला आयोजन के होस्ट, यानी राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री ही लेते हैं।

विदेशी मेहमान का मेनू तैयार करने से पहले प्रोटोकॉल ऑफिसर मेहमानों के दफ्तर से पता करते हैं कि उनकी डाइटरी हैबिट्स क्या हैं, उनके कोई मेडिकल इश्यूज तो नहीं है या उनको सबसे ज्यादा क्या खाना पसंद है। इसके बाद अतिथि देवो भव: के विचार से ऐसा मेनू तैयार किया जाता है, जिसे मेहमान दिल से पसंद करें और खाने के बाद उन्हें खुशी हो।

तस्वीर सितंबर 2023 की है, जब राष्ट्रपति मुर्मू ने सऊदी क्राउन प्रिंस के सम्मान में स्टेट बैंक्वेट होस्ट किया था।

तस्वीर सितंबर 2023 की है, जब राष्ट्रपति मुर्मू ने सऊदी क्राउन प्रिंस के सम्मान में स्टेट बैंक्वेट होस्ट किया था।

विदेशी मेहमानों के डाइनिंग रूम में बैठने की अरेंजमेंट और सजावट के क्या नियम होते हैं?
इस तरह की डिनर पार्टी में दो देश के नेताओं के हाथ मिलाने से लेकर उनके उठने-बैठने और खाने के नियम, मेन्यू और जगहें पहले से तय होती हैं। इस दौरान भारत सरकार के चीफ प्रोटोकॉल ऑफिसर को इन चीजों का बारीकी से ध्यान रखना होता है। टेबल से लेकर डाइनिंग कमरे तक की सजावट को बारीकी से देखा जाता है।

डिनर में कितने लोगों को आमंत्रित किया गया है, इस आधार पर डाइनिंग टेबल पर सीटिंग अरेंजमेंट होता है। टेबल के बीच के हिस्से में राष्ट्रपति बैठते हैं। दूसरी तरफ उनके ठीक सामने विदेशी मेहमान या उस दिन के मुख्य अतिथि बैठते हैं।

राष्ट्रपति के दाहिने तरफ प्रधानमंत्री या उस कार्यक्रम में मौजूद सबसे सीनियर अधिकारी बैठते हैं। वहीं, बाईं ओर नंबर टू सीनियर मिनिस्टर या अधिकारी बैठते हैं। इसके बाद दोनों तरफ पद और वरिष्ठता के आधार पर बाकी गेस्ट बैठते हैं।

डिनर डिप्लोमेसी के जरिए सामाजिक संबंधों को बेहतर करने के साथ एक-दूसरे को समझने का भी मौका मिलता है। इससे हम पारस्परिक संबंधों को निश्चित रूप से सुधार सकते हैं।

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