सेना दिवस पर आर्मी के नाम संदेश जारी करते हुए थल सेना प्रमुख मनोज पांडे ने कहा कि सुरक्षित वातावरण देने के लिए हर दिन हमारा संकल्प मजबूत रहना चाहिए। 

सूर्योदय भास्कर, नई दिल्ली। सेना दिवस से पहले थल सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने जवानों के नाम संदेश जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि भारतीय सेना को स्थिर और सुरक्षित वातावरण देने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है, ताकि देश की प्रगति हमेशा जारी रहे। उन्होंने संदेश के जरिए कहा कि सुरक्षित वातावरण देने के लिए हर दिन हमारा संकल्प मजबूत रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने ‘ऑलिव ग्रीन’ के प्रत्यके सदस्य से राष्ट्र के प्रति सुऱक्षा खतरों का मुकाबला करने के लिए अटूट प्रतिबद्धता जारी रखने का आग्रह किया है। गौरतलब है कि 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने सेना दिवस से पहले सेना के नाम एक संदेश जारी किया।  

युद्ध का चरित्र हमेशा बदलता रहा है- मनोज पांडे
अपने संदेश में उन्होंने सेना को संबोधित करते हुए थल सेना प्रमुख मनोज पांडे ने लिखा कि युद्ध का चरित्र हमेशा बदलता रहा है। हमें खुद को भविष्य के लिए तैयार करना होगा, जिसके लिए पिछले साल हमने एक परिवर्तन प्रक्रिया शुरू की थी। उन्होंने लिखा कि हमने अच्छी प्रगति की है और कई उपलब्धियां हासिल की है। हमारी क्षमता विकास की कोशिश आत्मनिर्भरता की इमारत पर खडी़ है, जिसके लिए हम दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रौद्योगिकी सक्षम भविष्य के लिए बल तैयार करने की दिशा में परिवर्तन जारी रहेगा। 

सीमा विवाद पर जल्द समाधान पर चल रहा काम- पांडे
भूटान-चीन सीमा वार्ता पर थल सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा कि सीमा विवाद पर शीघ्र समाधान पर विचार कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि विकास पर करीब से नजर रखी जा रही है। सेना दिवस से पहले पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत का भूटान के साथ अत्यधिक विश्वास, सद्भावना और आपसी समझ पर आधारित संबंध हैं। उन्होंने कहा कि यह रिश्ता सैन्य क्षेत्र से भी आगे निकल जाता है क्योंकि हमारे पास 1960 के दशक की शुरुआत से ही भारतीय सैन्य प्रशिक्षण टीम हैं। उन्होंने कहा कि भूटान और चीन के बीच सीमा विवाद पर बातचीत पर कड़ी नजर रख रही है क्योंकि इससे नई दिल्ली के सुरक्षा हितों पर असर पड़ सकता है, खासकर डोकलाम ट्राई-जंक्शन पर।

म्यांमार से 416 सैनिक घुसे भारत की सीमा में- सेना प्रमुख जनरल
म्यांमार के सशस्त्र जातीय समूहों और सरकारी बलों के बीच लड़ाई से उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर लगभग 416 म्यांमार सैनिक भारत में आ गए और भारतीय सेना इस घटनाक्रम पर “बारीकी से नजर” रख रही है। उस देश के कुछ नागरिक मिजोरम और मणिपुर के इलाको में शरण ले रहे हैं। सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान साझा की। साथ ही कहा कि भारत म्यांमार से लगी सीमा पर बाड़ लगाने को मजबूत करने पर भी विचार कर रहा है।

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